नई दिल्ली : CNN-News18 की वरिष्ठ पत्रकार और Assistant Editor पायल मेहता का रविवार तड़के मुंबई में निधन हो गया। वह 46 वर्ष की थीं। उनके निधन की खबर के बाद पत्रकारिता और राजनीतिक जगत में शोक की लहर है।

रिपोर्टों के मुताबिक, पायल मेहता मुंबई के दौरे पर थीं। देर रात उनकी तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें करीब 2 बजे अस्पताल ले जाया गया, जहां उपचार शुरू होने से पहले ही उनका निधन हो गया। उनकी मौत के कारण की आधिकारिक जानकारी फिलहाल सामने नहीं आई है। 

संसद और राष्ट्रीय राजनीति की रिपोर्टिंग में बनाई पहचान

पायल मेहता को संसद, केंद्र सरकार और बीजेपी से जुड़े राजनीतिक मामलों की रिपोर्टिंग के लिए जाना जाता था। उनके सहयोगियों और राजनीतिक नेताओं ने उनकी मेहनत, पेशेवर प्रतिबद्धता और राष्ट्रीय मुद्दों की समझ को याद किया।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी उनके संसद कवरेज को याद करते हुए कहा कि वह संसद सत्र के दौरान सुबह से देर रात तक वहां रहकर कार्यवाही को कवर करती थीं। 

पायल मेहता का मीडिया करियर 15 वर्षों से अधिक का रहा। उन्होंने CNN-News18 के अलावा ANI, Republic TV, NewsX और Focus TV जैसे संस्थानों के साथ भी काम किया था। जून 2023 में उन्होंने CNN-News18 में Assistant Editor के तौर पर दोबारा वापसी की थी। 

PM मोदी ने जताया दुख

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पायल मेहता के निधन पर शोक व्यक्त किया। उन्होंने उन्हें मेहनती पत्रकार बताते हुए कहा कि वह जमीनी स्तर से जुड़ी रहती थीं और राष्ट्रीय मुद्दों की गहरी समझ के साथ रिपोर्टिंग करती थीं।

प्रधानमंत्री ने उनके काम के साथ-साथ लोगों के प्रति उनकी गर्मजोशी और संवेदनशीलता को भी याद किया तथा उनके परिवार, मित्रों और सहकर्मियों के प्रति संवेदना व्यक्त की। 

राजनीतिक और मीडिया जगत से श्रद्धांजलि

पायल मेहता के निधन पर गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, कांग्रेस नेता राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा समेत कई नेताओं ने शोक व्यक्त किया।

अमित शाह ने उन्हें एक प्रोफेशनल और विभिन्न मुद्दों पर विस्तृत जानकारी देने के लिए प्रतिबद्ध पत्रकार के रूप में याद किया। वहीं मल्लिकार्जुन खरगे ने उनकी मेहनत और सार्वजनिक मामलों की समझ को रेखांकित किया। 

पत्रकारिता जगत में शोक

पायल मेहता के अचानक निधन से उनके सहकर्मियों और पत्रकारिता जगत में शोक है। संसद और राष्ट्रीय राजनीति की उनकी लगातार कवरेज ने उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में एक अलग पहचान दिलाई थी।

46 वर्ष की उम्र में उनका निधन परिवार, मित्रों, सहकर्मियों और पत्रकारिता जगत के लिए बेहद दुखद क्षति है।