नई दिल्ली: रेडियो के विज्ञापन बाजार में लंबे समय बाद धीरे-धीरे सुधार के संकेत दिखाई दे रहे हैं। जनवरी से जुलाई 2026 के बीच रेडियो पर विज्ञापन की मात्रा पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में 1.2% बढ़ी है।
TAM AdEx के आंकड़ों के मुताबिक, जनवरी-जुलाई 2026 में रेडियो विज्ञापन की मात्रा 2024 की समान अवधि से 5% अधिक रही। यह अध्ययन RCS India से जुड़े 122 से ज्यादा रेडियो स्टेशनों के आंकड़ों पर आधारित है। विज्ञापन की मात्रा को प्रसारण के कुल सेकंड के आधार पर मापा गया है।
हालांकि बाजार में बढ़ोतरी हुई है, लेकिन रेडियो विज्ञापन का बड़ा हिस्सा अब भी कुछ प्रमुख कैटेगरी, राज्यों और शहरों में केंद्रित है।
टॉप 10 कैटेगरी के पास 92% विज्ञापन
रेडियो विज्ञापन बाजार में कुछ चुनिंदा सेक्टरों की पकड़ काफी मजबूत बनी हुई है। जनवरी-जुलाई 2026 में टॉप 10 कैटेगरी ने कुल रेडियो विज्ञापन मात्रा का करीब 92% हिस्सा अपने नाम किया।
इनमें सर्विस सेक्टर सबसे आगे रहा। वहीं, अलग-अलग कैटेगरी में प्रॉपर्टी और रियल एस्टेट सबसे बड़ा विज्ञापनदाता वर्ग रहा। इस कैटेगरी की कुल रेडियो विज्ञापन में 17% हिस्सेदारी रही।
रियल एस्टेट ने 2025 में भी अपनी पहली स्थिति बनाए रखी थी। इस साल जनवरी-जुलाई के दौरान इस सेक्टर का रेडियो विज्ञापन पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 20% बढ़ा।
इंश्योरेंस और NBFC ने बढ़ाया विज्ञापन
वित्तीय सेवाओं से जुड़ी कंपनियों ने भी रेडियो विज्ञापन में बढ़ोतरी दर्ज कराई है।
जनवरी-जुलाई 2026 के दौरान:
- लाइफ इंश्योरेंस विज्ञापन 79% बढ़ा
- Corporate-NBFC विज्ञापन 64% बढ़ा
- इलेक्ट्रॉनिक्स और कंज्यूमर ड्यूरेबल रिटेल 27% बढ़ा
- ज्वेलरी रिटेल 16% बढ़ा
- कारों का विज्ञापन 8% बढ़ा
तेजी से बढ़ने वाली कैटेगरी में बैंकिंग विज्ञापन की मात्रा करीब छह गुना बढ़ी। इसके अलावा पाचन से जुड़े उत्पादों में 82%, खाद्य तेल में 92% और OTC यानी बिना डॉक्टर की पर्ची मिलने वाले उत्पादों में 66% की वृद्धि दर्ज की गई।
रिपोर्ट के मुताबिक, इस अवधि में 140 से ज्यादा कैटेगरी में रेडियो विज्ञापन बढ़ा। यानी बाजार में सुधार केवल कुछ चुनिंदा सेक्टरों तक सीमित नहीं रहा।
Maruti Suzuki सबसे बड़ा विज्ञापनदाता
कंपनी स्तर पर Maruti Suzuki India ने रेडियो विज्ञापन में अपनी पहली पोजिशन बरकरार रखी।
हालांकि, टॉप 10 विज्ञापनदाताओं की सूची में कुछ बदलाव भी हुआ। इस सूची में शामिल 10 कंपनियों में से 3 नए विज्ञापनदाता थे।
ब्रांड के स्तर पर Vimal Pan Masala सबसे ज्यादा विज्ञापन करने वाला ब्रांड रहा। इसके बाद Muthoot Financial Enterprises और Maruti Suzuki ARENA का स्थान रहा।
टॉप ब्रांड्स में SBI, Gaana.com और Pet Safa भी शामिल रहे। Maruti Suzuki के eVitara और Grand Vitara ने भी टॉप 10 में जगह बनाई। इसके अलावा LIC Bima Lakshmi और Dr. Ortho के प्रोडक्ट्स भी प्रमुख विज्ञापनदाताओं में रहे।
7,500 से ज्यादा ब्रांडों ने रेडियो पर विज्ञापन दिया
जनवरी-जुलाई 2026 के दौरान 7,500 से ज्यादा ब्रांडों ने रेडियो पर विज्ञापन दिया।
दिलचस्प बात यह है कि टॉप 10 ब्रांडों की संयुक्त हिस्सेदारी सिर्फ 11% रही। इससे पता चलता है कि रेडियो विज्ञापन बाजार में सिर्फ कुछ बड़े ब्रांड ही सक्रिय नहीं हैं, बल्कि अलग-अलग सेक्टरों के बड़ी संख्या में ब्रांड इसका इस्तेमाल कर रहे हैं।
इस दौरान पान मसाला भी टॉप 10 विज्ञापन कैटेगरी में पहुंचा, जबकि 2025 की इसी अवधि में यह इस सूची में नहीं था।
गुजरात और महाराष्ट्र से आया सबसे ज्यादा विज्ञापन
राज्यों की बात करें तो गुजरात 17% हिस्सेदारी के साथ पहले स्थान पर रहा। महाराष्ट्र 15% हिस्सेदारी के साथ दूसरे नंबर पर रहा।
टॉप पांच राज्यों को मिलाकर कुल रेडियो विज्ञापन मात्रा में 61% हिस्सेदारी रही।
शहरों में जयपुर सबसे आगे रहा। इसके बाद नागपुर और इंदौर का स्थान रहा।
टॉप 10 शहरों की सूची में नई दिल्ली, सूरत, हैदराबाद, अहमदाबाद, बेंगलुरु, लखनऊ और भोपाल भी शामिल रहे। इन 10 शहरों ने मिलकर कुल रेडियो विज्ञापन मात्रा का 63% हिस्सा हासिल किया।
इससे पता चलता है कि रेडियो की पहुंच व्यापक होने के बावजूद विज्ञापन की मांग अभी भी बड़े और प्रमुख शहरों में ज्यादा केंद्रित है।
शाम के समय सबसे ज्यादा विज्ञापन
रेडियो पर विज्ञापन प्रसारित करने के लिए शाम का समय सबसे ज्याअधिकपसंद किया गया।
जनवरी-जुलाई 2026 के आंकड़ों के मुताबिक:
- शाम: 38%
- सुबह: 32%
- दोपहर: 28%
- रात: 2%
यानी सुबह और शाम के स्लॉट को मिलाकर कुल रेडियो विज्ञापन मात्रा में इन दोनों की हिस्सेदारी 70% रही।
20 से 40 सेकंड के विज्ञापन सबसे ज्यादा
विज्ञापनों की लंबाई के मामले में 20 से 40 सेकंड का स्लॉट सबसे ज्यादा इस्तेमाल हुआ।
इस अवधि वाले विज्ञापनों की कुल रेडियो विज्ञापन मात्रा में 66% हिस्सेदारी रही, जबकि 2025 की समान अवधि में यह आंकड़ा 65% था।
वहीं, 20 सेकंड से छोटे विज्ञापनों की हिस्सेदारी 28% रही। रिपोर्ट में 40 सेकंड से कम अवधि वाले विज्ञापनों की संयुक्त हिस्सेदारी करीब 94% बताई गई है, हालांकि रिपोर्ट के एक हिस्से में 20-40 सेकंड और 20 सेकंड से कम अवधि वाले विज्ञापनों को मिलाकर यह आंकड़ा 93% दिया गया है।
45 से 60 सेकंड वाले विज्ञापनों की हिस्सेदारी 4% और 60 सेकंड से ज्यादा अवधि वाले विज्ञापनों की हिस्सेदारी 2% रही।
रेडियो विज्ञापन बाजार में सुधार के संकेत
जनवरी-जुलाई 2026 के आंकड़े रेडियो विज्ञापन बाजार में हल्की लेकिन व्यापक रिकवरी की ओर इशारा करते हैं। कुल विज्ञापन मात्रा में 1.2% की बढ़ोतरी के साथ 140 से ज्यादा कैटेगरी और 7,500 से ज्यादा ब्रांडों की भागीदारी बताती है कि रेडियो अभी भी अलग-अलग कारोबारों के लिए एक सक्रिय विज्ञापन माध्यम बना हुआ है।
रियल एस्टेट के साथ इंश्योरेंस, NBFC, बैंकिंग, खाद्य तेल और OTC प्रोडक्ट्स जैसी कैटेगरी में हुई बढ़ोतरी ने भी इस दौरान रेडियो विज्ञापन बाजार को सपोर्ट किया है।