नई दिल्ली: इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा है कि सरकार Semicon 2.0 के तहत भारत में सेमीकंडक्टर चिप डिजाइन के क्षेत्र से जुड़ी कम से कम 200 स्टार्टअप और कंपनियों को जोड़ने का लक्ष्य लेकर चल रही है। यह लक्ष्य Semicon 1.0 में शामिल 105 से अधिक स्टार्टअप्स के आधार पर आगे बढ़ाया गया है।

Semicon India Summit 2026 में बोलते हुए वैष्णव ने बताया कि Semicon 1.0 के तहत शामिल करीब 20 स्टार्टअप्स को लगभग 800 करोड़ रुपये की वेंचर कैपिटल फंडिंग मिली है।

उन्होंने कहा कि अब सरकार का लक्ष्य पहले के मुकाबले बड़ा है और Semicon 2.0 के तहत भारत में चिप डिजाइन से जुड़े कम से कम 200 स्टार्टअप्स और कंपनियों को जोड़ने की योजना है।

Semicon 2.0 के छह प्रमुख पिलर

वैष्णव के मुताबिक, Semicon 2.0 को छह प्रमुख पिलरों के आधार पर आगे बढ़ाया जाएगा। इसमें चिप डिजाइन को पहला पिलर बनाया गया है।

इसके अलावा कार्यक्रम के तहत:

  • मशीन और मटेरियल
  • सेमीकंडक्टर फैब
  • एडवांस्ड पैकेजिंग
  • रिसर्च एंड डेवलपमेंट
  • टैलेंट डेवलपमेंट

पर भी फोकस किया जाएगा।

मशीन और मटेरियल पर भी जोर

मशीन और मटेरियल से जुड़े पिलर के तहत सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री के लिए जरूरी कैपिटल इक्विपमेंट, मेंटेनेंस सुविधाएं, केमिकल और गैस सहित पूरे सप्लाई इकोसिस्टम को विकसित करने पर ध्यान दिया जाएगा।

वैष्णव ने बताया कि Semicon India Summit में 28 से ज्यादा देशों की भागीदारी हो रही है।

डिस्प्ले से लेकर लॉजिक फैब तक विस्तार

तीसरे पिलर के तहत सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग क्षमता बढ़ाने पर फोकस किया जाएगा। इसमें डिस्प्ले, मेमोरी, सिलिकॉन, कंपाउंड और लॉजिक फैब शामिल हैं।

चौथे पिलर में एडवांस्ड पैकेजिंग को प्राथमिकता दी जाएगी। वैष्णव ने बताया कि ओडिशा में 3D पैकेजिंग यूनिट भी स्थापित की जा रही है।

इंडस्ट्री-लेड R&D पर फोकस

Semicon 2.0 के पांचवें पिलर के तहत इंडस्ट्री-लेड रिसर्च एंड डेवलपमेंट को बढ़ावा देने की योजना है।

इसके लिए सरकार अकादमिक संस्थानों और इंडस्ट्री को साथ लाकर एप्लाइड रिसर्च प्रोजेक्ट्स को बढ़ावा देगी। इसका उद्देश्य रिसर्च को इंडस्ट्री की जरूरतों से जोड़ना है।

चार साल में 70 हजार डिजाइन इंजीनियरों की ट्रेनिंग

टैलेंट डेवलपमेंट Semicon 2.0 का छठा पिलर है। वैष्णव ने बताया कि Semicon 1.0 के तहत 10 साल में 85 हजार डिजाइन इंजीनियरों को ट्रेनिंग देने का लक्ष्य रखा गया था।

उनके मुताबिक, इस लक्ष्य की दिशा में चार साल में ही 70 हजार डिजाइन इंजीनियरों को प्रशिक्षित किया जा चुका है।

400 से ज्यादा यूनिवर्सिटीज में EDA टूल्स

वैष्णव ने बताया कि देश की 400 से ज्यादा यूनिवर्सिटीज में Cadence, Siemens और Synopsys के Electronic Design Automation (EDA) Tools उपलब्ध कराए गए हैं।

इन टूल्स की मदद से छात्र चिप डिजाइनिंग की प्रक्रिया को समझने के साथ-साथ अपने डिजाइन को आगे बढ़ा सकते हैं। उन्हें मोहाली स्थित Semiconductor Laboratory (SCL) के जरिए डिजाइन को Tape-out प्रक्रिया तक ले जाने का अवसर भी मिल रहा है।

सरकार के मुताबिक, सेमीकंडक्टर डिजाइन, मैन्युफैक्चरिंग, पैकेजिंग, रिसर्च और टैलेंट डेवलपमेंट को एक साथ बढ़ाने की यह रणनीति भारत में पूरे सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम को विकसित करने की दिशा में काम करेगी।